कॉमनवेल्थ गेम्स

ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन(subordinate)  देशों के बीच सौहार्द और भाईचारा स्थापित करने के लिए राष्ट्रकुल खेलों की शुरुआत हुई थी। 1930 से अब तक 18 बार यह आयोजन विभिन्न देशों में आयोजित हो रहा है। राष्ट्रकुल का अब तक का सफर चार हिस्सों में बंटा हुआ है। यह अलगअलग नामों के साथ आयोजित होता रहा। कुछ कारणों से यह खेल स्थागित भी हुए है।

शूरू में राष्ट्रमंडल खेल ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से अस्तित्व में आया। इसकी शुरुआत 1930 में कनाडा में हुई। द्व‍ितीय विश्व युद्ध के बाद कई सालों तक ये खेल स्थगित रहे और 1950 से न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर से दोबारा इनका आयोजन शुरू हुआ।

1978
में कनाडा के एडमंटन से आयोजित हुए खेल कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से प्रारंभ हुए।

 राष्ट्रकुल खेलों के 80 साल के इतिहास में 18 संस्करण आयोजित हो चुके है। इसमें अब तक 90 से अधिक देश भाग ले चुके हैं।  

भारत में 19वाँ संस्करण तीन से 14 अक्टूबर 2010 तक खेला गया। इसमें 73 देशों के चार हजार से अधिक एथलीट दांव पर लगे 829 पदकों के लिए अपना खेल कौशल दिखाने मैदान में उतरे। समय पर स्टेडियम तैयार नहीं होने, खेलगाँव की गंदगी और अन्य विपरीत कारणों के बावजूद 19वें कॉमनवेल्थ गेम्स ‘बेहद सफल’ रहे और खेलों की पूर्ण छवि काफी सकारात्मक रही।  खेलों के दौरान 75 से अधिक रिकॉर्ड टूटे।

कॉमनवेल्थ में मेजबान भारत कुल 101 पदक जीतकर पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत ने इन खेलों में 38 स्वर्ण, 27 रजत और 36 काँस्य पदक जीत कर कॉमनवेल्थ गेम्स की नई महाशक्ति बनने के संदेश दी और देश की विविधता पूर्ण संस्कृति की सतरंगी झाँकी.

अगले कॉमनवेल्थ गेम्स 204 में स्काटलैंड के ग्लासगो में होंगे।

 

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